Tuesday, January 1, 2008

इस बार नव वर्ष की शुभकामनाएं नहीं!

इस बार मैं किसी के लिए भी नववर्ष की शुभकामनाएं प्रसा‍रित नहीं करूंगा। इसके पीछे कोई राजनैतिक, सामाजिक, सांप्रदायिक अथवा सांस्कृतिक मजबूरी नहीं है। केवल मेरी व्यक्तिगत मजबूरी है। दरअसल जब कभी मैंने किसी के साथ शुभ किया, रिटर्न गिफ्ट के रूप में उसने मेरा अशुभ ही किया। मुझे नेकी के बदले अनेकी ही मिली। जब मैं स्‍वयं का शुभ करने में असमर्थ हूं, तो भला मेरी शुभकामनाओं का अर्थ भी क्‍या ?
लोगों ने मुझे सलाह दी कि भाई नेकी कर कुएं में फेंक दिया करो। मैंने उनकी सलाह मानी और नेकी कर, उसे अवैध संतान की तरह कुएं को अर्पित कर दी, मगर किस्मत मेरी, अनेकी प्रदान करने वाले फिर भी बाज नहीं आए। उसे कुएं से निकाल कर उसका भी ढिंढोरा पीटते रहे, अवैध संतान के माथे पर मेरा नाम चस्पा करते रहे। अंकल बुश की हालत भी कुछ-कुछ अपने जैसे ही है। पता नहीं अपना और अंकल बुश का मुकद्दर ऊपर वाले ने बिना निब के किस फाउंटेन पैन से लिखा है?
आपको अपना एक वाकया सुनाता हूं, आप ही बताना उसमें मेरी क्या गलती थी? कल ही की तो बात है, हमारे एक दोस्त खटिया पर पड़े-पड़े ठण्ड से ज्यामिति आकार सकार कर रहे थे। हमें उन पर दया आई, आखिर दोस्त ठहरे। हमने फटाफट उनकी खाट के नीचे आग जला दी। बताओ हमने क्या बुरा किया? ठण्ड से राहत देने के ही तो उपाय किया था! धन्यवाद तो दूर दोस्त हमें गाली देते-देते खटिया छोड़ भाग उठे!
हमारी जिंदगी में दर्दनाक ऐसे किस्से एक दो नहीं दर्जनों हैं। चलिए एक ओर बयान कर देता हूं। पिछले हफ्ते चचा मुसद्दीलाल गर्दन के दर्द से चीख रहे थे। दर्द से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से हम पूरी शिद्दत के साथ चचा की गर्दन दबाने लगे। लाहौल वला कूवत, यह क्या आशीर्वाद तो दूर चचा तो हमारी तरफ आंख निकालने लगे।
चचा उससे पहले टांगों के दर्द से परेशान थे। तब हम ही ने उनकी टांगे दबा कर राहत पहुंचाई थी। आशीर्वाद तो चचा ने तब भी नहीं दिया था, मगर आंख भी तो नहीं दिखलाई थी। दबाने का यही नुसखा हमने उनकी गर्दन पर अजमा दिया। बताओ हमने क्या बुरा किया? चचा के दु‌र्व्यवहार के बाद हमने कहा ऐसी की तैसी! और तभी से किसी का भी शुभ करने यहां तक सोचने से भी तोबा कर ली। बताओ ठीक किया ना?
अंकल बुश भी हमारे ही नसीब वाले हैं। अंकल ने कहा, ''चैन से सोना है, तो जागते रहो!'' अंकल ने अपना यह अभियान अफगान व इराक में चलाया। पाकिस्तान में जारी है, ईरान की अगली बारी है। अंकल का उद्देश्य वहां जागृति लाना रहा, उन्हें गतिशील बनाए रखना रहा। अब अभियान में दो-चार नेता चैन की नींद सो गए, तो अंकल का क्या दोष? मगर नहीं, पाकिस्तान में बिल्ली को भी छीक आ जाए, तो जिम्मेदार बेचारे अंकल की नेकी! बेचारे अंकल अकेले ही पूरे जहान के लकड़ी कर, उसे गतिशील बनाए हुए हैं। बताओ अंकल क्या बुरा कर रहे हैं? क्यों पूरा जहान उन्हें पानी पी पी कर कोस रहा है? क्या करें अपनी-अपनी किस्मत!
अब आप कहेंगे कि आप तो खुदा के नेक बंदे हैं, नेकी वाले इंसान हैं। बच्चों के पत्थरों की मार से पेड़ कोई फल देना थोड़े ही छोड़ देते हैं? चलो नववर्ष की शुभकामनाओं का प्रसारण न सही, मगर यह तो बताओ कि प्रसारण करते तो किस-किस की खाट के नीचे आग जला कर इस कड़कती ठण्ड में राहत पहुंचाने का नेक कर्म करते? अब आप से ना भी तो नहीं कर सकते आप हमारे ब्लॉगर भाई जो ठहरे।
सुनो भाई, दुनिया को गतिशील व जागृत बनाए रखने के महान कर्म के लिए पहली शुभकामना अपने बुश अंकल को देता।
चीर का मोह त्याग दु:शासन, दुर्योधनों को चिढ़ाने वाली मल्लिका सहरावत, राखी सावंत और करीना कपूर जैसी बालाओं को दूसरी प्रमुख शुभकामना प्रसारित करता। इन वीर बालाओं ने न केवल दु:शासन-दुर्योधन का मान-मर्दन किया है, अपितु कृष्ण के आश्रित न रहकर स्वावलंबी बनने का भी संदेश दिया है।
एक समारोह के दौरान चुंबन का विमोचन करने के लिए सौभाग्यवती शिल्पा शेट्टी जी को भी हृदय से शुभकामना देने का इरादा था। उन्होंने चुंबन-कृत्य-सार्वजनिक कर चुंबन से एकाधिकार समाप्त करने की दिशा में पहल की है। प्रेम किसी की व्यक्तिगत दौलत नहीं है। अर्थ के क्षेत्र में न सही प्रेम के क्षेत्र में तो समाजवाद आना ही चाहिए। चुंबन-समाजवाद के लिए आने वाली पीढ़ी सदैव-सदैव उनकी आभारी रहेगी। और किसे..? चलो अपने टीवी-चैनलिया भाइयों को भी इस सूची में शामिल कर लेते हैं। सेक्स-संस्कृति को समृद्ध करने में उनका योगदान भी महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में वे भी समाजवाद के पोषक हैं।
नेताओं को..? नहीं-नहीं, फिर तो सूची लंबी हो जाएगी। हां! अपने ब्लॉगर भाइयों के लिए अपने संकल्प को थोड़ी क्षति पहुंचा देता हूं। ब्लागॅर भाइयों आलापते रहो आलापते रहे, मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। आज नहीं तो कल तुम्हारी रस्सी के निशान पत्थर पर दिखलाई देंगे ही।
संपर्क : 9868113044

6 comments:

  1. यह बढ़िया जी। खाट के नीचे आग से चल कर बरास्ते नाभिदर्शनाओं के चुम्बन तक ठेल दिया।
    मुबारक हो जी नया साल - साल भर खट्टा-मीठा ठेलें और हम जैसों की ऊटपटांग टिप्पणियां झेलते रहें। :-)

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  2. नए साल की शुभकामनाएं आपको भी।

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  3. अच्छा आपने बताया नहीं, अब न्यू ईयर में बता दीजिये कि आप फोटू में इत्ते इंटेलीजेंट कैसे दिखायी देते हैं।

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  4. मस्त है जी!!

    नया साल आपको पहले से और भी बेहतर कुछ दे जाए! नए वर्ष की शुभकामनाएं

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  5. नया साल आपके और आपके परिवार के लिए खूब सारी खुशियाँ लेकर आये।

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  6. सर
    सादर परनाम
    आप को हमारी और से नववर्ष की शुभकामनाएं मेरी प्रभु से प्रार्थना आप हमे प्रति वर्ष इसी तरह नववर्ष की शुभकामनाएं लिखते रहे हम आप के व्यंग का अनुसरण करते रहे
    आप का सेवक
    रवि दुआ
    दिली से
    05.1.2008

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